जन्मकुंडली के 25 योग जो आपकी छुपी शक्तियों का संकेत देते हैं
25 Important Astrological Yogas in Your Birth Chart (Kundali)
नीचे बताए गए योग किसी व्यक्ति की जन्मपत्रिका में छिपी अदृश्य ताकतों, प्रतिभा, आध्यात्मिक शक्ति, सफलता क्षमता और भाग्य प्रबलता को उजागर करते हैं।
1. गज-केसरी योग
शक्ति: बुद्धिमत्ता, नेतृत्व क्षमता, सम्मान, प्रतिष्ठा।
चंद्रमा व गुरु के मजबूत संबंध से बनता है।
2. लक्ष्मी योग
शक्ति: धन-समृद्धि, आर्थिक वृद्धि, वित्तीय स्थिरता।
जब शुक्र और लग्न/धन भाव मजबूत हों।
3. बुध-आदित्य योग
शक्ति: विश्लेषण क्षमता, व्यापार में तेज दिमाग, नेतृत्व और प्रबंधन कौशल।
सूर्य+बुध का संयोजन।
4. राजयोग
शक्ति: उच्च पद, अधिकार, सत्ता, प्रशासनिक क्षमता।
त्रिकोण और केंद्रेश का संबंध।
5. चन्द्र-मंगल योग
शक्ति: व्यापारिक कौशल, धन अर्जन क्षमता, निर्णय शक्ति।
चंद्र+मंगल का योग।
6. नीचभंग राजयोग
शक्ति: कठिनाइयों पर विजय, रुकावट के बाद असाधारण सफलता।
नीच ग्रह का बलवान होना।
7. विपरीत राजयोग
शक्ति: विपरीत परिस्थितियों को बदलने की क्षमता, संघर्ष में विजय।
6/8/12 के स्वामी शुभ परिणाम देते हैं।
8. धर्म-कर्माधिपति योग
शक्ति: करियर में दीर्घकालिक सफलता।
9 व 10 भाव के स्वामी का संबंध।
9. हंस योग (पंच महापुरुष)
शक्ति: आध्यात्मिकता + बुद्धि + नेतृत्व।
गुरु का केंद्र में उच्च/स्वगृह होना।
10. रुछक योग (पंच महापुरुष)
शक्ति: दृढ़ संकल्प, पराक्रम, प्रशासनिक शक्ति।
मंगल का केंद्र में स्व/उच्च होना।
11. मालव्य योग (पंच महापुरुष)
शक्ति: सौंदर्य, विलासिता, कला, सुख।
शुक्र का केंद्र में स्व/उच्च होना।
12. भद्र योग (पंच महापुरुष)
शक्ति: बुद्धिमत्ता, लेखन, वक्तृत्व, व्यवसाय कौशल।
बुध का केंद्र में मजबूत होना।
13. शश योग (पंच महापुरुष)
शक्ति: अनुशासन, सत्ता, परिपक्वता, संपत्ति।
शनि का केंद्र में मजबूत होना।
14. पराशरी राजयोग
शक्ति: भाग्य + कर्म दोनों का संतुलन, जीवन में ऊँचाई।
त्रिकोण+केंद्रेश संबंध।
15. अमला योग
शक्ति: सामाजिक सम्मान, प्रतिष्ठा, कीर्ति।
10वें भाव में शुभ ग्रह।
16. परमेश्वर योग
शक्ति: प्रशासनिक योग्यता, अधिकार, उच्च पद।
कई शुभ ग्रहों की विशेष स्थिति से।
17. सरस्वती योग
शक्ति: ज्ञान, शिक्षा, बुद्धि, कला, संगीत।
गुरु, शुक्र, बुध के शुभ स्थान।
18. बुद्धिमान योग
शक्ति: तर्क क्षमता, त्वरित निर्णय, नवाचार।
बुध का मजबूत होना।
19. सफलता योग
शक्ति: करियर में निरंतर उन्नति।
10वां भाव, 10वें स्वामी और सूर्य/गुरु की शुभ दृष्टि।
20. धन योग
शक्ति: आर्थिक वृद्धि, निवेश में लाभ।
2, 11 भाव की मजबूती।
21. भाग्य योग
शक्ति: जीवन में अनुकूल परिस्थितियाँ, भाग्य साथ।
9वें भाव की मजबूती।
22. आध्यात्मिक योग
शक्ति: अध्यात्म, ध्यान, अंतर्ज्ञान, दिव्य बुद्धि।
12वां भाव, केतु, गुरु की स्थिति।
23. पूर्वजन्म पुण्य योग
शक्ति: अचानक सहायता, शुभ अवसर, बिना प्रयास सफलता।
त्रिग्रही योग या 9 भाव से लाभ।
24. अनूप योग
शक्ति: सरकारी कार्यों में सफलता, प्रशासनिक क्षेत्र।
सूर्य और 10वां भाव शुभ।
25. महालक्ष्मी योग
शक्ति: अत्यधिक धन, नाम, व्यवसाय विस्तार।
शुक्र–गुरु का शुभ संयोजन।
आपकी ‘छुपी शक्ति’ आपकी जन्मकुंडली के योगों से तय होती है
यदि आपकी कुंडली में इनमें से 3–5 योग भी बनते हैं, तो आपके भीतर किसी न किसी रूप में:
-
नेतृत्व क्षमता
-
धन अर्जन शक्ति
-
बुद्धि व विश्लेषण शक्ति
-
आध्यात्मिक ऊर्जा
-
संघर्ष जीतने की क्षमता
-
समाज में सम्मान
-
प्रशासनिक या प्रफेशनल सफलता
जैसी विशेष शक्तियाँ विद्यमान होती हैं।
