Pandit Ajay Gautam is widely recognized as one of the best and most reputed astrologers in India. He has gained immense popularity for his accurate predictions, profound knowledge of Vedic astrology, and holistic approach to astrology and spiritual sciences (2026)

Best Astrologer in India Pandit Ajay Gautam

कुंडली में दशम भाव (कर्म भाव) और उसके स्वामी (कर्मेश) से संबंधित प्रमुख ज्योतिषीय 50 सूत्र

कुंडली में दशम भाव (कर्म भाव) और उसके स्वामी (कर्मेश) से संबंधित प्रमुख ज्योतिषीय 50 सूत्र

50 important astrological tips related to the tenth house (Karma Bhava) and its lord (Karmaesh) in the horoscope

I. दशम भाव (कर्म भाव) से जुड़े 25 प्रमुख सूत्र

  1. दशम भाव कर्म, पेशा, आजीविका, पद, यश और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रमुख भाव है।

  2. यह भाव राज्य, शासन, प्रशासन और अधिकारी वर्ग से संबंध दर्शाता है।

  3. दशम भाव व्यक्ति की नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी निभाने की योग्यता बताता है।

  4. यह भाव पिता, सरकारी कार्य और उच्चाधिकारियों के साथ संबंधों को नियंत्रित करता है।

  5. दशम भाव व्यक्ति के जीवन उद्देश्य और प्रमुख उपलब्धियों की दिशा निर्धारित करता है।

  6. दशम भाव में शुभ ग्रह हों तो अमल कीर्ति योग बनता है, जो प्रसिद्धि दिलाता है।

  7. दशम भाव में पापग्रह हों तो संघर्ष बाद सफलता या अनैतिक मार्ग का संकेत देता है।

  8. दशम भाव में सूर्य हो तो नेतृत्व, सरकारी नौकरी, प्रशासनिक सफलता मिलती है।

  9. चंद्रमा दशम में हो तो लोकप्रियता, जनसेवा, कला, चिकित्सा, होटल आदि में सफलता।

  10. मंगल दशम में तकनीक, सेना, पुलिस, रियल एस्टेट व भूमि संबंधी करियर में सफलता देता है।

  11. बुध दशम में हो तो व्यापार, मीडिया, लेखन, शिक्षा, संचार में सफलता देता है।

  12. बृहस्पति दशम में धर्म, शिक्षा, कानून, प्रशासन, प्रबंधन में प्रगति देता है।

  13. शुक्र दशम में हो तो कला, फैशन, मनोरंजन, विलास व रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता देता है।

  14. शनि दशम में कठोर परिश्रम, स्थिर सफलता और उच्च पद धीरे-धीरे दिलाता है।

  15. राहु दशम में असामान्य क्षेत्रों, विदेश, तकनीक, राजनीति में अचानक सफलता दे सकता है।

  16. केतु दशम में शोध, आध्यात्म, ज्योतिष, IT, तकनीकी या गुप्त क्षेत्रों में सफलता देता है।

  17. दशम भाव में योगकारक ग्रह का होना महान कर्मफल और राजयोग प्रदान करता है।

  18. दशम भाव पर शुभ दृष्टियाँ हों तो करियर सुगम, स्थिर और तेज़ी से आगे बढ़ता है।

  19. दशम भाव पर पाप दृष्टि नौकरी में रुकावट, तनाव और बार-बार बदलाव दर्शाती है।

  20. दशमभाव-चतुर्थभव संबंध कार्यस्थल, संपत्ति और सार्वजनिक छवि को प्रभावित करता है।

  21. दशमभाव-द्वितीयभाव संबंध वित्तीय करियर और वाणी आधारित कार्य दर्शाता है।

  22. दशमभाव-एकादशभाव संबंध आय, लाभ, प्रमोशन और नेटवर्किंग सफलता देता है।

  23. दशम में उच्च ग्रह सर्वोच्च पद, मान-सम्मान, प्रसिद्धि और राजयोग देता है।

  24. दशम भाव से सप्तम भाव (दशम का दशम) भी व्यवसाय और जनसंपर्क को प्रभावित करता है।

  25. दशम भाव में ग्रहों की संख्या और प्रकृति से करियर की मजबूती या कमजोरी का निर्णय होता है।

II. कर्मेश (दशमेश) से जुड़े 25 प्रमुख सूत्र

  1. दशमेश बलवान हो, उच्च या स्वगृही हो तो करियर में ऊँचा पद और समाज में सम्मान मिलता है।

  2. दशमेश नीच का हो पर नीचभंग हो जाए तो अद्भुत सफलता मिलती है।

  3. दशमेश वक्री हो तो करियर में बार-बार परिवर्तन और निर्णय में भ्रम होता है।

  4. दशमेश का लग्न में होना – करियर जीवन का केंद्र बन जाता है, स्व-रोज़गार की संभावना।

  5. दशमेश द्वितीय भाव में – धन योग, परिवार का सहयोग, वाणी आधारित करियर।

  6. दशमेश तृतीय में – पराक्रम, मीडिया, संचार, सेल्स, बिजनेस, साहसिक कार्य।

  7. दशमेश चतुर्थ में – मातृसहयोग, संपत्ति, वाहन, कृषि, सरकारी नौकरी योग।

  8. दशमेश पंचम में – शिक्षा, कला, रचनात्मक कार्य, राजनीति और सट्टा लाभ।

  9. दशमेश षष्ठ में – प्रतियोगिता में सफलता, सेवा क्षेत्र, सरकारी नौकरी, संघर्ष बाद प्रगति।

  10. दशमेश सप्तम में – व्यापार, साझेदारी, जनसंपर्क और विदेश यात्रा योग।

  11. दशमेश अष्टम में – उतार-चढ़ाव, गुप्त कार्य, बीमा, टैक्स, रिसर्च, रहस्यवादी क्षेत्र।

  12. दशमेश नवम में – भाग्य का साथ, पिता का लाभ, विदेश यात्रा, धर्म और उच्च पद।

  13. दशमेश दशम में – अत्यंत शक्तिशाली राजयोग, उच्च पद, नेतृत्व और बड़ी उपलब्धियाँ।

  14. दशमेश एकादश में – बहु-आय स्रोत, मित्रों का सहयोग, उन्नति, प्रमोशन।

  15. दशमेश द्वादश में – विदेश में करियर, अस्पताल, आध्यात्मिक सेवा, खर्च अधिक।

  16. दशमेश का धनेश से संबंध धन और सफलता को बढ़ाता है।

  17. दशमेश का लाभेश से संबंध बड़ी उपलब्धियाँ और नेटवर्किंग ग्रोथ देता है।

  18. दशमेश का पंचमेश से संबंध रचनात्मक प्रतिभा और बुद्धिमत्ता आधारित करियर देता है।

  19. दशमेश का नवमेश से संबंध धर्म–कर्म योग बनाता है, भाग्य और करियर दोनों मजबूत करता है।

  20. दशमेश पर शुभ ग्रहों की दृष्टि करियर उन्नति की गारंटी होती है।

  21. दशमेश पर पापग्रह की दृष्टि नौकरी में बाधा, बॉस से तनाव, मुकदमेबाज़ी का संकेत देती है।

  22. दशमेश अस्त हो तो निर्णय क्षमता कम होती है और करियर अस्थिर हो सकता है।

  23. दशमेश पापकर्तरी योग में हो तो कार्यक्षेत्र में रुकावटें और विलंब आते हैं।

  24. दशमेश का नवांश (D-9) और दशमांश (D-10) में स्थान करियर का अंतिम परिणाम तय करता है।

  25. दशमेश की दशा–भुक्ति में करियर के बड़े अवसर, परिवर्तन, प्रमोशन या बदलाव होते हैं।

Call Now: +91-7974026721